भाजपा और मध्य प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति, उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर, दोपहर 3 बजे निकाली जाएगी अंतिम यात्रा
उज्जैन/इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे वरिष्ठ भाजपा नेता पारस जैन का सोमवार को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। हाल के दिनों में उनकी तबीयत लगातार गंभीर बनी हुई थी। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन का समाचार मिलते ही उज्जैन सहित पूरे मध्य प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
पारस जैन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहकर प्रदेश और विशेष रूप से उज्जैन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे कई बार उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए विधानसभा पहुंचे और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। अपने शांत, सरल और मिलनसार स्वभाव के कारण वे सभी दलों के नेताओं तथा आम नागरिकों के बीच सम्मानित थे।
राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक पर्यटन और नगरीय विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए। महाकाल की नगरी उज्जैन के विकास और धार्मिक महत्व को बढ़ाने के लिए भी उन्होंने विभिन्न स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई। जनसंपर्क और जनता की समस्याओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता उनकी पहचान रही।
उनके निधन की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकतार्ओं, समर्थकों और शुभचिंतकों में शोक की लहर फैल गई। दोपहर 3 बजे अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और धार्मिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पारस जैन का सार्वजनिक जीवन जनसेवा, संगठन के प्रति समर्पण और सादगी का उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन जनता की सेवा और संगठन को मजबूत बनाने में समर्पित किया। उनके निधन से भाजपा ने एक अनुभवी, कर्मठ और लोकप्रिय नेता को खो दिया है।
उज्जैन शहर में उनके निधन की खबर के बाद शोक का माहौल है। उनके निवास पर समर्थकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों का पहुंचना लगातार जारी है। लोग उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
पारस जैन का निधन केवल भाजपा के लिए ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के सार्वजनिक जीवन के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण और सहज व्यक्तित्व को हमेशा याद किया जाएगा।